Wednesday, 13 May 2020

डायबिटीज और टीबी जैसी बीमारियां दूर होगी गिलोय का सेवन करने से, इसके फायदे जानिए

Giloy Spl.   

डायबिटीज और टीबी जैसीबीमारियां दूर होगी गिलोय का सेवन करनेसे, इसके फायदे जानिए

गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन जैसे कई गुण पाए जाते हैं गिलोय में , इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ कई बीमारियों से छुटकारा दिलाता है गिलोय । जानिए गिलोय औषधि के बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ।

आर्युवेद में गिलोय को एक महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है। इसका सेवन करने से कई Dangerous बीमारियों से बचा जा सकता है। स्वामी रामदेव के अनुसार Giloy का सेवन करने से आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत करने के साथ-साथ डायबिटीज (Blood Sugar), ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) सहित कई बीमारियों से निजात पा सकते हैं। इतना ही नहीं आयुष मंत्रालय (Ayush Ministry) ने इम्यून (Immune) को strong करके कोरोना से निपटने के लिए कुछ औषधियां (Medicine) बताई है जिसमें Giloy भी शामिल है। जानिए आखिर क्या है गिलोय और इसके फायदे।
What is Giloy?
गिलोय एक कभी न सुखने वाला पौधा है। इसका तना रस्सी की तरह होता है इसके पत्ते पान के आकार के होते हैं। इसके साथ ही इसमें पीले और हरे रंग के फूल गुच्छे में निकलते हैं। कहा जाता है कि नीम में चढ़ी गिलोय सबसे अच्छी होती है। क्योंकि गिलोय एक ऐसा पौधा है जिस पेड़ में इसकी लता फैलती है वह उसके भी गुण ले लेता है।

गिलोय में मौजूद तत्व

गिलोय में गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन, पामेरिन एवं टीनोस्पोरिक एसिड के अलावा  कैल्शियम मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक आदि पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें एंटी- इफ्लेमेटरी पाया जाता है। 

गिलोय के फायदे (Benefits of Giloy)

डायबिटीज के मरीज

अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है तो रोजाना गिलोय या फिर गिलोय जूस का सेवन करें। इसमें पाया जाने वाला हाइपोग्लाईकैमिक ब्लड शगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। 

अर्थराइटिस
जोड़ों में दर्द की समस्या, अर्थराइटिस आदि में गिलोय का सेवन फायदेमंद है। गिलोय में एंटी इंफ्लेट्री और एंटीआर्थराइटिक गुण पाए जाते हैं जो इस रोग से निजात दिलाते हैं। 

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाएं
गिलोय में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो इम्यूनिटी बूस्ट कर सकते हैं। इसलिए रोजाना गिलोय, तुलसी, लहसुन, अश्वगंधा और हल्दी का काढ़ा पीना चाहिए। 

तनाव से दिलाएं निजात
गिलोय में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर से टॉक्सिन को निकालने में मदद करते हैं। जिससे आपका दिमाग शांत रहता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। 

हिचकी रोकने के लिए
अगर आपको हिचकी आ रही है तो गिलोय काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए दूध में गिलोय और सौंठ का पाउडर मिलाकर पी लें। इससे तुंरत हिचकी आना बंद हो जाएगी। 

टीबी रोग
गिलोय के औषधिय गुण टीबी रोग को भी आसानी से सही कर सकते हैं। इसके लिए अश्वगंधा, गिलोय, शतावर, दशमूल, बलामूल, अडूसा, पोहकरमूल और अतीस को बराबर भाग में लेकर इसका काढ़ा बनाएं। इस काढ़ा को सुबह और शाम पिएं।

बवासीर का इलाज
गिलोय बवासीर के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसके लिए गिलोय, हरड़ और धनिया के पत्ते को बराबर मात्रा में लेकर पानी में उबाल लें। जब थोड़ा सा पानी बच जाएं को इसे छानकर पी लें। दिन में कम से कम 2 बार इसका सेवन करें। आप चाहे को इस काढ़ा के साथ गुड़ खा सकते हैं। 

पाचन को रखें फिट
अगर आपको हमेशा पाचन तंत्र की समस्या रहती है तो गिलोय काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए गिलोय, अतिविषा और अदरक का काढ़ा बनाकर पिएं। 

अस्थमा में फायदेमंद
जिन लोगों को अस्थमा की समस्या हैं उनके लिए भी गिलोय काफी फायदेमंद है। इसके लिए रोजाना इसके पत्ते या जड़ का सेवन करें। 

आंखों की बढ़ाएं रोशनी
आंखों में चश्मा लगा है तो आपके गिलोय मदद कर सकता है।  इसके लिए 10 मिली गिलोय के रस में 1-1 ग्राम शहद और सेंधा नमक मिलाकर खूब अच्छी तरह से पीस लें। इसे आंखों में काजल की तरह लगाएं। इससे अंधेरा, चुभन, और काला तथा सफेद मोतियाबिंद रोग  से मुक्ति मिल जाएगी।




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Friday, 24 April 2020

लॉकडाउन 2.० - कोरोना के खिलाफ जंग में पीएम मोदी ने मांगा सात बातों में सभी का साथ माँगा है

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लॉकडाउन 2.० - कोरोना के खिलाफ जंग में पीएम मोदी ने मांगा सात बातों में सभी का साथ माँगा है

जिसमे प्रधानमंत्री मोदी जी ने सभी को अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए , गर्म पानी, और काढ़ा का निरंतर सेवन करने की सलाह दी।

जैसे की अभी हाल ही में WHO (World Health Organization) ने भी कहा है की कोरोना से सम्पूर्ण विश्व को लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ेगी और यह वायरस अभी जल्दी खत्म होने वाला नहीं लगता ,

कोरोना से बचाव के लिए जिस प्रकार हाथों की अच्छे से सफाई और मास्क पहनना इत्यादि सावधानी बरतना जरूरी है , उसी प्रकार इस अनजान खतरे के दौरान अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना भी अत्यंत आवश्यक है और आयुष मंत्रालय ने इसके लिए आयुर्वेदिक औषधीय काढ़ा पीने की सलाह दी है , यह काढ़ा आप निम्नलिखित दी गयी जड़ी बूटियों द्वारा सरलता से बना सकते हैं :-
इम्युनिटी मजबूत करने के लिए :- गिलोय , अदरक , तुलसी , अजवाइन , अश्वगंधा , सफ़ेद मूसली , कड़ी पत्ता , मुलेठी , पीपल , सोंठ इत्यादि उपयोग के लिए अति उत्तम हैं

आप ये सभी जड़ी बूटी हमारी वेबसाइट https://indianjadibooti.com से भी आर्डर कर सकते हैं


Tuesday, 17 March 2020

बाबा रामदेव द्वारा कोरोना वायरस के उपचार से सम्बंधित बताई गयी सभी उच्चतम गुणवत्ता की जड़ी बूटी आप हमारी वेबसाइट https://indianjadibooti.com से खरीद सकते हैं

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Thursday, 20 February 2020

WhatsApp Video 2020 02 20 at 6 44 59 PM



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ashwgandha benefits

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चमत्कारी और अमृततुल्य हर्ब मानी जाने वाली अश्वगंधा का आयुर्वेद मे खास स्थान है अश्वगंधा मे शरीर को स्वस्थ और ताकतवर बनाने  के ओषधीय गुण पाए जाते है

सर्दी करे दूर : जिन्हे सर्दी ज्यादा लगती  है , १ ग्राम अश्वगंधा पाउडर रात को गरम दूध के साथ ले 
खांसी मे दे आराम : १० ग्राम अश्वगंधा की जड़ को कूट ले । इसमें १० ग्राम मिश्री मिलाकर ४०० ग्राम पानी मे तब तक उबाले, जब तक वह आधा न रह जाये ।अब थोड़ा ठंडा करके पिए ।सूखी खांसी मे १ ग्राम अश्वगंधा मे १ छोटा चम्मच गाय का घी मिलाकर  गरम दूध के साथ पिए , लाभ होगा 
श्वसनरोगो मे लाभदायक : अश्वगंधा की  प्रकृति कफ और वात दोषो का शमन करने मे  मददगार साबित होती है अश्वगंधा की जड़ को पीसकर एक कप पानी मे उबालकर चाय बनाकर पी सकते है । रात मे सोने से पहले गर्म दूध के साथ १-२ ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण ले सकते है 
पाचन तंत्र को करे सुचारु : पेट सम्बन्धी समस्या दूर कर अश्वगंधा पाचन तंत्र को सुचारु चलने मे मदद करता है बराबर- बराबर मात्रा मे अश्वगंधा पाउडर और मिश्री ले उसमे थोड़ी सोंठ मिलाकर गरम पानी के साथ सेवन करे ,पेट से जुडी समस्या नियंत्रित हो जाएगी ।कब्ज की शिकायत हो तो २ ग्राम अश्वगंधा पाउडर गुनगुने पानी के साथ ले 
हाई ब्लड प्रेशर को करे कम : नियमित तौर पर १ ग्राम अश्वगंधा चूर्ण गरमदूध के साथ लेने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है । अश्वगंधा चूर्ण मे अर्जुन छाल चूर्ण बराबर मात्रा मे मिलाकर गर्म पानी के साथ एक चम्मच सुबह शाम सेवन करने से हिरदय सम्बन्धी कमजोरी दूर होती है 
तनाव और अनिद्रा करे दूर : रात को सोने से पहले गरम दूध के साथ एक टेबल स्पून अश्वगंधा चूर्ण खाने से अनिद्रा की शिकायत दूर होती है 
जोड़ो के दर्द मे आराम : आर्थराइटिस  मे होने वाली सूजन और जोड़ो के दर्द मे अश्वगंधा का सेवन फायदेमंद है । आधा से एक ग्राम अश्वगंधा पाउडर ,गिलोय सत् ,और शक्कर बराबर -बराबर मात्रा मे मिला ले । एक गिलास दूध मे एक चम्मच पाउडर मिलाकर पकाये ।जब दूध एक -चौथाई रह जाये तो थोड़ा ठंडा करके पिए ।
यूरिक एसिड बढ़ने पर : यूरिक एसिड ब्रढ़ने से पेरो मे होने वाले दर्द के लिए हल्दी , मेथी , सोंठ , और अश्वगंधा के पाउडर को बराबर मात्रा मे मिलाकर सुबह -शाम गर्म पानी या दूध के साथ ले 
शरीर को दे मजबूती : १ ग्राम अश्वगंधा पाउडर मे मिश्री मिलाकर गर्म दूध के साथ सेवन करे । कुपोषण ग्रस्त बच्चों को दो- तीन रत्ती अश्वगंधा के चूर्ण मे शहद मिलाकर दूध के साथ देना फायदेमंद है  

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            जब

Wednesday, 19 February 2020

केसर , Kesar , Saffron

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Pure Kashmiri Kesar , Saffron , केसर


आयुर्वेद में केसर के बहुत से लाभ बताये गए हैं , आयुर्वेद के अनुसार कई छोटे छोटे रोग हैं जिन्हे केसर के उपयोग से ठीक किया जा सकता है, कश्मीरी केसर को सबसे अच्छा माना जाता है , English Language में केसर को Saffron कहा जाता है , केसर की प्रतिदिन 5 से 20 कलियों का सेवन स्वास्थय वर्धक होता है , केसर के सेवन से चेहरे व् त्वचा पर निखार आता है , रंग गोरा हो जाता है , ब्रेन के लिए केसर बहुत लाभकारी है , जिन बच्चो को जल्दी जल्दी सर्दी जुखाम होता है उन्हें केसर प्रयोग करने से विशेष लाभ होता है , केसर के प्रयोग से आखों की रौशनी बढ़ती है
 
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Tuesday, 18 February 2020

hemp seeds recipe

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हेम्प यानि भांग क़े बीज क़े अनेक स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे है यह कई पोषक तत्वों का स्त्रोत है यह एक प्राकृतिक फाइबर है जो पाचनतंत्र क़े लिए फायदेमंद है ।यह प्रोटीन का जबरदस्त स्त्रोत है इसमें 9 जरूरी एमिनो एसिड होते है साथ ही इसमें जरूरी फैटी एसिड जैसे अल्फा -लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है ,जो दरअसल ओमेगा-3 ही है । जो लोग वजन घटाने क़े लिए कार्ब्स कम कर रहे है उनके लिए हेम्प सीड्स एक सटीक चयन है ।अब प्रश्न यह है की हम हेम्प सीड्स को अपनी डाइट मे शामिल कैसे करे ? इसके लिए आप निम्न तरह से हेम्प सीड्स को अपनी डाइट मे शामिल कर सकते है 

सीरियल  या योगर्ट  मे इन बीजो को छिड़के 
इन्हे पीसकर अपनी स्मूदी मे मिलाये 
घर मे हेम्प सीड्स वाला दूध तैयार  करे । इसके लिए दूध मे सीड्स ,पानी , कोकोनट शुगर और वनीला एक्सट्रेक्ट मिलाये ।
 सारी सामग्री को अच्छी तरह मिला ले , इससे आपको एक पौष्टिक और गाढ़ा हेम्प मिल्क पीने को मिलेगा ।
सलाद मे हेम्प सीड्स मिलाये ।  इसका  crunchy  स्वाद आपको बहुत भायेगा 
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हेम्प यानि भांग के बीज ,जिनका सेवन किया जा सकता है दिखने मे यह भले ही छोटे -छोटे बीज प्रतीत हो लेकिन इनमे पोस्टिक  तत्वों  की प्रचुरता होती है
 हेम्प मे काफी बड़ा और टिकाऊ प्राकृतिक फाइबर होता है ,जो पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है और मेटाबोलिज्म को दुरुस्त करता है 
हेम्प सीड्स प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत  है  इनमे 9 जरुरी एमिनो एसिड्स होते है ।अब आप अपने महंगे प्रोटीन पाउडर को एक किनारे रखे और अपनी  स्मूदी मे 3 टेबल स्पून कच्चे हेम्प सीड्स मिलाये । इनसे न सिर्फ आपको पेट भरे रहने का एहसास होगा ,बल्कि यह ऐसे शाकाहारियों के लिए भी प्रोटीन का एक बड़ा स्त्रोत हो सकते है जिन्हे यह चिंता  रहती  है कि उनके भोजन मे प्रोटीन की कमी है 
हेम्प सीड्स वजन घटाने मे भी कारगार है यह कई पोषक तत्वों का स्त्रोत है। हेम्प सीड्स मे जरुरी फैटी एसिड जैसे अल्फा -लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है , जो दरअसल ओमेगा-3 है ।  यह ओमेगा -6 और ओमेगा -3 के  बीच संतुलन बनाये रखता है । साथ ही इसमें सैचुरेटेड फैट्स और ट्रांसफैट्स भी कम है।   
हेम्प सीड्स कीटो डाइट मे फायदेमंद है । हेम्प सीड्स की 3 टेबल स्पून सर्विंग मे केवल 2 ग्राम कार्ब होता है । हलके nutty  फ्लेवर क़े कारण
इसे आसानी से ओटमील या टोस्ट मे मिलाकर खाया  जा सकता है । जो लोग वजन घटाने क़े लिए कार्ब्स कम कर रहे है उनके लिए  हेम्प सीड्स एक सही चयन हो सकता है तो फिर इन छोटे -छोटे बीजो का फायदा उठाये और अपना वजन घटाए  
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Monday, 17 February 2020

KESAR

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चेहरे का रंग निखारे केसर : चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए नारियल के तेल या देसी घी के साथ केसर को पीसकर चेहरे पर लगाया जाता है दूध की मलाई को केसर के साथ चेहरे पर मलने से रंग गोरा होता है और निखार  भी आता है 

हिरदय रोग मे बहुत ही लाभकारी इलाज : केसर का सेवन करने से हिरदय सम्बन्धी रोग दूर होते है यह  लो बीपी  को नियंत्रित करता है धमनियों मे ब्लॉकेज को ठीक करता है । इसके सेवन से बढ़ा हुआ वजन   कम  होता है । इसके लिए : अर्जुन की छाल 5 ग्राम ,गिलोय 2 ग्राम , मुलेठी  2 ग्राम पुष्कर मूल 2 ग्राम हल्दी 2 ग्राम सौंफ 2 ग्राम छोटी इलायची 2 , 1 ग्राम कलोंजी और  एक चौथाई ग्राम केसर को कूटकर एक साथ मिलाकर 2 कप दूध तथा  2  कप पानी मे हलकी आंच पर उबाले जब यह एक कप रह जाये तो छान कर गुनगुना होने पर पिए ।

बुद्धिवर्धक केसर : इसके लिए केसर के 10  रेशे ,1 चम्मच गाय का माखन ,1 चम्मच ब्राह्मी का रस , तथा 1 चम्मच शंखपुष्पी के रस मे शहद मिलाकर रोजाना सेवन करे स्मरण शक्ति बेहतर होगी 

जिन लोगो को मूत्र विकार हो ,उन्हें पुनर्नवा के काढ़े के साथ केसर का सेवन करना चाहिए । 

माता के दाने  होने पर केसर को अजवाइन अवं बड़ी इलायची के छिलके के साथ उबाले और फिर हल्का गुनगुना करके रोगी   को  पिलाये इससे लाभ होगा 
सर्दी जुकाम तथा बुखार मे केसर  रामबाण है अगर छोटे बच्चे को सर्दी- जुकाम हो तो उसे दूध मे मिलाकर केसर का सेवन कराये 

केसर के सेवन से भोजन ठीक से पचता है और पाचन तंत्र ठीक होता है यह आंतो मे होने वाले संक्रमण  को ठीक करता है इसके सेवन से दिल मजबूत होता है और शरीर मे खून बढ़ता है यकृत या लिवर मे सूजन होने पर पेट पर इसका लेप करना चाहिए 


rasaut benefits

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रसौत  तीखा व् पीले रंग का होता है रसौत मे फिटकरी  मिलाकर पानी मे पीसकर आँख की सूजन पर लगाने से आँखों की सूजन ठीक हो जाती है 

रसौत ,कपूर और माखन को मिलाकर टौंसिलो  पर लगाने से जल्दी आराम मिलता है 

रसौत को पानी मे घिसकर लगाने से पलकों की सूजन दूर हो जाती है 

रसौत को सुबह शाम ५ से २० ग्रामं की मात्रा  मे मखन्न के साथ खाने से फैफड़ो  मे  बहुत  आराम मिलता है 
रसौत ,नागरमोथा , एवं लोध्र को शहद मे मिलाकर मसूड़ों पर लेप करने से व् मसूड़ों पर मलने से मसूड़ों के सभी रोग ठीक होते है 

रसौत को पीसकर शहद मे मिलाकर बूँद  बूँद करके  कान मे डालने से कान का दर्द  ठीक हो जाता है

दस्त : रसौत , आम की गुठली , और पीपल आदि को बराबर मात्रा मे लेकर पीसकर चूर्ण बनाकर आधा ग्राम शहद के साथ देने से बच्चो को होने वाला अतिसार बंद हो जाता है 

बवासीर : ५ ग्राम रसौत , ५० ग्राम छोटी हरड़ , और ५० ग्राम अनार  की छाल को मिलाकर बारीक़ पीसकर चूर्ण बना ले रोज़ाना ५ ग्राम चूर्ण सुबह पानी के साथ पीने से बवासीर मे खून गिरना बंद हो जाता है 

रसौत , कपूर ,और नीम के बीजो को पानी के साथ पीसकर बवासीर के मस्सो पर लगाने से मस्से सूख जाते है
३ ग्राम रसौत और ३ ग्राम अजवायन को मिलाकर खाने से बवासीर ठीक हो जाती है 

प्रदर रोग :  रसौत और लाख को बकरी के दूध मे मिलाकर पीने से रक्तप्रदर मिट जाता है 
रसौत और चौलाई की जड़ चावल के पानी के साथ पीने से प्रदर मे आराम होता है 

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केसर के अभूतपूर्ण लाभ।
 आयुर्वेद मे केसर के अनेक गुण बताये गए है। केसर मे कई ऐसे  तत्व है जो हमारे शरीर को  पूर्ण स्वस्थ रखने मे सहायक है। प्रतिदिन 5 से 20 पंखुड़ी केसर का इस्तेमाल किया जा सकता है

विभिन्न रोगो मे केसर का उपयोग -

पेट का दर्द : पेट मे दर्द होने पर 5 ग्राम भुनी हींग  ,5  ग्राम केसर ,2ग्राम कपूर ,25ग्राम भुना जीरा ,5ग्राम काला नमक ,5ग्राम सेंधा नमक ,100 ग्राम छोटी हरड़ ,25 ग्राम  bibidang  बीज , 25ग्राम अजवाइन को एक साथ पीसकर चूर्ण बना ले कैसा भी पेट दर्द हो आधा चम्मच चूर्ण को गरम पानी के साथ सेवन करे तुरंत लाभ होगा

नर्वस सिस्टम को बनाये बेहतर : दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए केसर अत्यंत लाभकारी है ।    मस्तिष्क रोग  व् diabities  के कारण  होने वाली समस्याओ मे केसर का दूध, चीनी ,और घी के साथ सेवन करने से लाभ होता है

आँखों के लिए फायदे : आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए 10 केसर के रेशे दूध के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है ।असली चन्दन को केसर के साथ घिसकर इसका लेप माथे पर लगाने से भी आँखों की रोशनी बढ़ती है सर दर्द ठीक होता है तथा नकसीर मे भी लाभ होता है

प्रसव के बाद केसर : प्रसव के बाद गर्भाशय शोधन के लिए केसर को अजवाइन के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है । केसर ,जीरा, गुड़ और अजवाइन को देसी घी मे मिलाकर सेवन करने से माता का दूध शुद्ध होता है और दूध अधिक मात्रा मे बनता है अगर प्रसव के बाद माता को 5 चम्मच कच्चे नारियल के दूध के साथ केसर के 10  रेशे मे 2 चम्मच  शहद   मिलाकर  सेवन कराया जाये तो काफी लाभ होता है 

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Friday, 14 February 2020

benefit of ral gond

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राल यह शाल वृक्ष का गोंद है यह तीखा ,ठंडा ,रस से  भरा हुआ ,खून के रोग , कुष्ठ  तथा जलन और अतिसार को खतम करता  है

विभिन्न रोगो मे उपचार :

खांसी : लगभग आधे से १ ग्राम राल को छोटी पीपल , अडूसा ,शहद , और घी के साथ मिलाकर सुबह शा
म सेवन करने से खांसी के रोग मे लाभ होता है

दस्त के लिए : १ ग्राम राल को शहद के साथ दिन मे दो बार सेवन करने से लाभ होता है

बवासीर : ६० ग्राम पीली राल लेकर बारीक़ पीसकर चूर्ण बना ले रोज़ सुबह इस ७ ग्राम चूर्ण को १२५ ग्राम दही  मे मिलाकर खाये  यह खूनी बवासीर के साथ सभी प्रकार की बवासीर को ठीक करता है

प्रदर रोग : १ ग्राम सफ़ेद राल मे ४ ग्राम चीनी मिलाकर सुबह शाम दूध के साथ खाने से प्रदर रोग मे लाभ मिलता है

घाव : ४ ग्राम राल के चूर्ण को ४० ml  नारियल के तेल मे अच्छी तरह से मिलाकर व् कपडे से छानकर रखे इसे जलने से हुए घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है

खाज खुजली : ४ भाग राल , ४ भाग मोम , ४ भाग तिल का तेल और ३ भाग घी को गरम करके मिला दे और उसका लेप बना ले यह लेप लगाने  से  खाज खुजली ठीक हो जाती है

शरीरको शक्तिशाली बनाना: १० गरम राल के चूर्ण को फांककर ऊपर से लगभग  500ml गरम दूध पीने से शरीर मे ताकत आती है


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